मोतियाबिंद की सर्जरी टालने से क्या हो सकता है?
क्या आपको पढ़ने की आदत है और आप इस अच्छी आदत को हमेशा के लिए छोड़ना चाहते हैं? क्या आपको ड्राइविंग करना पसंद है और आप अपनी लापरवाही के कारण ड्राइविंग को अलविदा कहना चाहते हैं? आप इस सुंदर दुनिया को नहीं देखना चाहते हैं?
जी हां, ऐसा सच भी हो सकता है यदि आप मोतियाबिंद की सर्जरी कराने को टालते आ रहे हैं तो। आपको मोतियाबिंद की बीमारी है और किसी डॉक्टर ने आपको सर्जरी कराने की सलाह दी है और अगर आप सर्जरी को लेकर टाल-मटोल कर रहे हैं तो आपको अपनी लापरवाही के लिए बहुत भारी भुगतान चुकाना पड़ सकता है। मोतियाबिंद के कारण आपकी आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है। आप खुद समझ सकते हैं कि अगर आप अपनी आंखों की रोशनी को हमेशा के लिए खो देते हैं तो इस कारण आप अपने सभी चीजों को करने या होते नहीं देख पाएंगे।
क्या आंखों की ड्रॉप से मोतियाबिंद ठीक हो सकता है?
कुछ लोगों का ऐसा भी मानना है कि मोतियाबिंद जैसी बीमारी को आंखों की किसी ड्रॉप की सहायता से रोका जा सकता है या फिर ठीक किया जा सकता है। अनेक लोग यह भी कहते हैं कि मोतियाबिंद रोग बिना सर्जरी से भी ठीक हो सकती है। अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आपका सोचना सही नहीं है क्योंकि मोतियाबिंद का इलाज केवल सर्जरी द्वारा ही किया जा सकता है और अन्य किसी माध्यम से मोतियाबिंद का उपचार हो ही नहीं सकता।
मोतियाबिंद की सर्जरी को नजरअंदाज करना क्यों खतरनाक है?
वास्तव में मोतियाबिंद की सर्जरी की अनदेखा करना कोई बुद्धिमानी का काम नहीं है क्योंकि इससे गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। कई लोग ऐसे देखे जाते हैं जिनको चिकित्सक ने मोतियाबिंद की सर्जरी करने की सलाह दी है और उन्होंने सर्जरी को लेकर लापरवाही बरती है। इसका मरीजों को गंभीर नुकसान झेलना पड़ा है। इसके कारण उनकी आंखों की रोशनी हमेशा-हमेशा के लिए चली गई है। मोतियाबिंद से ग्रस्त ज्यादातर लोग लंबे समय तक इलाज न कराने के कारण ही अंधेपन के शिकार हो जाते हैं।
क्या मोतियाबिंद की सर्जरी सुरक्षित और दर्द रहित होती है?
सच यह है कि मोतियाबिंद का इलाज बहुत ही सरल, दर्द रहित और सुरक्षित तरह से किया जा सकता है लेकिन कई लोग सर्जरी का नाम सुनते ही डर जाते हैं और मोतियाबिंद का इलाज नहीं कराते हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि मोतियाबिंद की सर्जरी लेजर टेक्नोलॉजी से की जाती है। इस प्रक्रिया द्वारा बिना कोई परेशानी से मोतियाबिंद की सर्जरी करना संभव है। इसलिए जब इस प्रक्रिया द्वारा मोतियाबिंद की सर्जरी की जाती है तो इसमें बहुत ही छोटा चीरा लगाया जाता है और सर्जरी हो जाती है।
शुरुआती चरण में मोतियाबिंद को हल्के में लेना क्यों गलत है?
अगर मोतियाबिंद की बीमारी के बारे में बात की जाय तो शुरुआती चरण में, मोतियाबिंद आंखों की एक मामूली समस्या की तरह प्रतीत होती है, लेकिन असल में यह एक गंभीर बीमारी का लक्षण होता है। इससे किसी व्यक्ति का जीवन पूरी तरह अंधकारमय हो सकता है और वह दैनिक जीवन में होने वाली छोटे से छोटे कामों को खुद से करने में अक्षम भी हो सकता है।
मोतियाबिंद आपके जीवन और करियर को कैसे प्रभावित करता है?
मोतियाबिंद के कारण किसी व्यक्ति का जीवन गंभीर संकट में पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आप ड्राइविंग करना पसंद करते हैं या आपका पेशा ही ड्राइविंग करना है तो आंखों की रोशनी चली जाने से आप यह काम नहीं कर सकते हैं। इसी तरह अगर आपको किताबें पढ़ना पसंद है या आप पढ़ने या पढ़ाने जैसे पेशा से जुड़े हुए हैं तो इस बीमारी के कारण आपको अपना पेशा हमेशा के लिए छोड़ना पड़ सकता है।
मोतियाबिंद से जुड़ी मानसिक और सामाजिक समस्याएं
ऐसा नहीं है कि मोतियाबिंद की बीमारी सिर्फ आंखों की रोशनी को ही खत्म करता है बल्कि सच यह है कि शारीरिक अक्षमताओं के अलावा यह अन्य कई विकारों के पैदा होने का भी कारण बन सकता है। मोतियाबिंद से रोगी अवसाद में गिर सकता है, रोगी का आत्मविश्वास कम हो सकता है और उसे सामाजिक अलगाव झेलना पड़ सकता है।
समय पर मोतियाबिंद की सर्जरी क्यों जरूरी है?
आपको यह समझना बहुत जरूरी है कि जिनकी रोशनी कमजोर हो जाती है उन्हें गंभीर परेशानियों से मुकाबला करना पड़ता है। यह वास्तव में लोगों के लिए बहुत ही मुश्किल भरा होता है। आपकी आंखों की रोशनी सही सलामत रहे और दुनिया में सामान्य लोगों की तरह जीवन जीते रहे इसके लिए मोतियाबिंद की सर्जरी करना अति आवश्यक है।
मोतियाबिंद की सर्जरी में देरी करने से क्या समस्याएं हो सकती हैं?
यदि आप बहुत लंबे समय तक मोतियाबिंद की सर्जरी को टाल रहे हैं तो आपका मोतियाबिंद और भी गंभीर स्थिति में पहुंच सकता है। इस कारण इसे हटाने में और भी अधिक मुश्किल हो सकती है। मोतियाबिंद की गंभीर स्थिति, सर्जरी की जटिलताओं का कारण बन सकता है। इससे सर्जरी के बाद होने वाली रिकवरी में परेशानी हो सकती है।
मोतियाबिंद के लक्षण दिखते ही इलाज क्यों जरूरी है?
आमतौर पर, जब रोगी को मोतियाबिंद के लक्षण नजर आने लगे तो उसे तुरंत सर्जरी करा लेनी चाहिए। इससे सर्जरी बहुत ही आसानी से हो जाती है और कम से कम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए मोतियाबिंद के इलाज के लिए इंतजार नहीं करना चाहिए।
मोतियाबिंद की सर्जरी में देरी या इसे टालने के कारण आपको निम्न चार जोखिम झेलने पड़ सकते हैंः-
रोजाना का काम-काज करने में परेशानी आ सकती है
मोतियाबिंद की सर्जरी में देरी करने के 4 बड़े जोखिम
रोजाना के काम-काज में परेशानी
मोतियाबिंद के कारण आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होती चली जाती है क्योंकि आंखों के लेंस के आगे रहने वाली उजली परत जैसी चीज धीरे-धीरे बड़ी होती चली जाती है। इससे आपको अपना सामान्य काम भी करने में दिक्कत हो सकता है। आपको रोजाना की गतिविधियों को करने में भी बहुत परेशानी उठानी पड़ सकती है।
गाड़ी चलाने में परेशानी
आंखों के लेंस के आगे बादलों की पैच आपकी आंखों की रोशनी को खराब करती है। इस बीमारी के कराण आपको हेड लाइट्स, स्ट्रीट लाइट्स और अन्य संकेत आपको धुंधला नजर आ सकता है या रोशनी फैला हुआ दिखाई देने लगता है। अगर आप गाड़ी चलाना पसंद करते हैं तो मोतियाबिंद के कारण रात में देखने की आपकी क्षमता कम हो जाती है और इससे आपका जीवन जोखिम में पड़ सकता है।
आंखों की रोशनी खो सकती है
आंखों की रोशनी खोने का खतरा
मोतियाबिंद दुनिया में अंधेपन का बड़ा कारण है। इसलिए आपका सचेत होना बहुत जरूरी है। यह आंखों की रोशनी को धीरे-धीरे कम करता चला जाता है और अंत में अंधा बना देता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि बीमारी कितनी तेजी से बढ़ेगी इसका अंदाजा मुश्किल होता है और इससे आपकी स्थिति बहुत खराब हो सकती है।
मोतियाबिंद की गंभीर स्थिति होने के कारण सर्जरी में अधिक जोखिम
जब मोतियाबिंद गंभीर स्थिति में पहुंच जाती है तो इसका इलाज करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति में जोखिम बहुत अधिक बढ़ जाता है।
मोतियाबिंद को गंभीर होने से कैसे बचाएं?
इसलिए बेहतर होगा कि रोगी मोतियाबिंद को गंभीर होने ना दें। मोतियाबिंद के कारण अपने जीवन को प्रभावित ना होने दें। इसका पता लगते ही तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
आईक्यू विजन अस्पताल में कराएं आधुनिक मोतियाबिंद सर्जरी
इसलिए इंतजार नहीं करें और मोतियाबिंद का इलाज कराएं। हमारे अत्याधुनिक आईक्यू विजन अस्पताल में मोतियाबिंद की सर्जरी कराएं। आईक्यू अस्पताल की खास बात यह है कि यहां आंखों की देखभाल और इलाज बहुत ही उच्चतम गुणवत्ता और नवीनतम तकनीकों से की जाती है। पूरे उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में आईक्यू के 36 सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हैं। मरीज कहीं भी इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
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